EMI का पूरा सच: बैंक किस फॉर्मूले से करते हैं हिसाब? जानिए
जब भी आप कोई लोन (होम, पर्सनल या कार) लेते हैं, तो बैंक एक फिक्स EMI फॉर्मूले का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें लोन की राशि, ब्याज दर और अवधि अहम होती है। कम EMI के लिए टेन्योर लंबा करने से कुल ब्याज खर्च बढ़ जाता है। इसलिए, ब्याज का बोझ कम करने के लिए, कम अवधि का लोन चुनना या प्रीपेमेंट करना बेहतर है।








